मोहे रंग दो लाल, नंद के लाल, लाल! लाल, पीले, नीले रंगों का त्योहार फाल्गुन मास (Falgun Month) कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है। रंग बिरंगे रंग जीवन में की खुशियों के रंग भर देते हैं। Holi 2022 भी आने वाला है। Falgun में शिव की साधना के लिए सबसे बड़ी रात्रि यानि MahaShivratri बहुत ही खास होती है।
Falgun Month इस साल फाल्गुन मास 17 फरवरी 2022 से शुरु होकर 18 मार्च तक रहेगा। इस पावन मास का न सिर्फ धार्मिक-आध्यात्मिक बल्कि मनोवैज्ञानिक महत्व भी है, जो कि हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों के बीच सकारात्मक रहने का संदेश देता है।
फाल्गुन मास का महत्व-

फाल्गुन मास में Lord Vishnu और Shiva दोनों की साधना से जुड़े दो बड़े पर्व आते हैं। फाल्गुन मास (Falgun Maas) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन जहां महाशिवरात्रि का पर्व आता है। जिसमें भगवान शिव की पूजा रात्रि के समय एक बार या चार बार की जा सकती है। रात्रि के चार प्रहर होते हैं, और हर प्रहर में शिव पूजा की जा सकती है। इसी प्रकार फाल्गुन शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु का आशीर्वाद दिलाने वाली Amalaki Ekadashi का व्रत आता है।


कान्हा की भक्ति-


फाल्गुन मास में Lord Krishna की साधना-आराधना का विशेष महत्व है। इस मास में भगवान कृष्ण के तीन स्वरूप बाल कृष्ण, युवा कृष्ण और गुरु कृष्ण की पूजा की जा सकती है। ऐसे में जिन लोगों की संतान सुख की चाह है, उन्हें बाल कृष्ण की और जिन्हें दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य की चाह है, उन्हें युवा कृष्ण की और जिन्हे जीवन में मोक्ष और वैराग्य की तलाश है, उन्हें गुरू कृष्ण की साधना करनी चाहिए।
फाल्गुन मास के प्रमुख पर्व:-

  1. विजया एकादशी – 26 फरवरी 2022
  2. Maha Shivratri– 01 मार्च 2022
  3. फाल्गुन अमावस्या – 02 मार्च 2022
  4. फुलैरा दूज – 04 मार्च 2022
  5. आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) – 14
  6. मार्च 2022 होलिका दहन – 17 मार्च 2022
  7. Holi– 18 मार्च 2022


(यह आलेख सिर्फ जनरुचि के लिए हैं, यह आलेख इन सब का दावा नहीं करता है। यह लौकिक मान्यता आधारित है।)