रमजान का आखिरी चरण है और ईद को लोग बेसब्रि से इंताजार कर रहे हैं। चांद की एक झलक पाने के लिए हर मुस्लिम आसमान की और देखेंगे। जब तक चांद का दीदार ना हो तब तक ईद मुबारक नहीं दी जाती है। क्योंकि ईद चांद दिखने के आधार पर होती है, ऐसे में लोगों के मन में इसे लेकर कई सवाल हैं।

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अरब देशों में रमजान भारत के मुकाबले एक दिन पहले से हो रहे हैं, लेकिन ईद की नमाज चांद देखकर होगी और कल पूरे भारत में चांद देखने का एहतिमाम (आयोजन) होगा और अगर चांद दिखता है तो सोमवार को ईद हो सकती है। यानी इसका सीधा मतलब है कि ये जरूरी नहीं है कि अरब देशों के एक दिन बाद ही भारत में ईद हो, लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि अरब देशों के एक दिन दिन बाद ही भारत में ईद होती है।


रमजान


रमजान का महीना 29 दिन या 30 दिन का होता है। अगर ईद सोमवार को होगी तो भारत में रमजान का महीना 29 दिन का होगा और अगर ईद मंगलवार को होगी तो भारत में भी रमजान का महीना 30 दिनों का होगा। अरब देशों में इस बार रमजान का महीना 30 दिनों का होगा। इस्लाम धर्म में मान्यता है कि रमजान में रहमत के दरवाजे खुल जाते हैं।

इस महीने में की जाने वाली इबादतों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। रमजान के महीने को 10-10 दिन करके तीन हिस्सों में बांटते हैं और इसे अशरा कहते हैं। पहले अशरे में माना जाता है कि अल्लाह रहमत करते हैं। कहा जाता है कि दूसरे अशरे में गुनाहों की माफी होती है, जबकि तीसरा अशरा जहन्नम की आग से खुद को बचाने के लिए होता है।