देव जागरण (Devuthani Ekadashi) या उत्थान होने वाला है। देव अपनी  नींद से जाते हैं, जिसे देवोत्थान एकादशी (Dev Uthani Ekadashi 2021) कहते हैं। इस दिन उपवास रखने का विशेष महत्व है। इस दिन से शादी ब्याह और शुभ कार्यों का शुभारंभ हो जाता है। कहते हैं इस दिन पूजा पाठ करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल देवोत्थान एकादशी का रविवार, 14 नवंबर 2021 को है।

ऐसे करें व्रत-पूज :-

देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) के दिन व्रत करने वाली महिलाएं प्रातःकाल में स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन में चौक बनाएं।

पश्चात भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के चरणों को कलात्मक रूप से अंकित करें।

फिर दिन की तेज धूप में विष्णु के चरणों को ढंक दें।

देवउठनी एकादशी को रात्रि के समय सुभाषित स्त्रोत पाठ, भगवत कथा और पुराणादि का श्रवण और भजन आदि का गायन करें।

घंटा, शंख, मृदंग, नगाड़े और वीणा बजाएं।

विविध प्रकार के खेल-कूद, लीला और नाच आदि के साथ इस मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान को जगाएं
मंत्र-

'उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये।
त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्‌ सुप्तं भवेदिदम्‌॥'
'उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव।
गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥'
'शारदानि च पुष्पाणि गृहाण मम केशव।'
इसके बाद विधिवत पूजा करें।