अमावस्या की तिथि पूर्वजों को समर्पित होती है। अभी पौष (Paush) का महीना चल रहा है और यह महीना पूर्वजों को समर्पित होता है। इस महीने में कि गई पूर्वजों की पूजा से कई तरह के लाभ मिलते हैं। बता दें कि इस माह को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। पौष के महीने में पड़ने वाली अमावस्या (Amavasya) का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है।


पंचांग के मुताबिक पौष के महीने की अमावस्या तिथि 2 जनवरी 2022 दिन रविवार को पड़ेगी। इस बार की अमावस्या पर सुबह 07 बजकर 14 मिनट से शाम 04 बजकर 23 मिनट तक सर्वार्थसिद्धि योग है। ऐसे में श्रद्धापूर्वक किया गया कोई भी काम पूरी तरह से सफल होगा।
पौष अमावस्या उपाय-

अमावस्या (Amavasya) के ​दिन एक लोटे में जल लें और इसमें लाल फूल और काले तिल डालें।
अपने पितरों की शांति की प्रार्थना करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें।
पीपल को जल अर्पित कर सफेद रंग की मिठाई चढ़ाएं और 108 बार परिक्रमा करें।
पितरों की शांति के लिए गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें।
करियर की बाधा दूर करने के लिए अमावस्या की रात को 5 लाल फूल और 5 दीये जलाकर अपनी कामना बोलते हुए बहती नदी में प्रवाहित कर दें।
ध्यान रखें कि इस उपाय को करते समय कोई आपको देखे नहीं।
इसके अलावा आप काले कुत्ते को सरसों का तेल लगाकर रात के समय रोटी खिलाएं।
इससे आपकी समस्याएं कुछ ही समय में दूर होने लगेंगी और धन लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।