लोग मंदिरों में जाते हैं भगवान जी की पूजा करते हैं और खुद के अच्छे जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं। लेकिन कई लोगों को आपने देखा होगा जो रोज मंदिर जाते हैं लेकिन फिर भी वो अपने जीवन में खुश नहीं रहते हैं और नौकरी पेशे में ठीक नहीं रहते हैं। कुछ घरों में छोटे-छोटे मंदिर बनवाए जाते हैं। नियमित रूप से घर के मंदिर में पूजा की जाती है जिससे वातावरण पवित्र बना रहता है।

कई बार मंदिर में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो कि अशुभ होती है। आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जो कि घर के मंदिरों में नहीं की जानी चाहिए। घर के मंदिर में सभी श्री गणेश की मूर्तियां तो रखते हैं, लेकिन पूजा घर में कभी भी गणेश जी की 3 प्रतिमाएं नहीं होना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा होने सही नहीं होता है। 

आप अपने घर के मंदिर में पूजा करने के लिए दो शंख ना रखें। अगर हैं तो तुरंत हटा दें। 

घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। 

यदि हम मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग हमारे अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग बहुत संवेदनशील होता है और इसी वजह से घर के मंदिर में छोटा-सा शिवलिंग रखना शुभ होता है। 

खंडित मूर्तियों की पूजा वर्जित है। जो भी मूर्ति खंडित हो जाती है, उसे पूजा के स्थल से हटा देना चाहिए और किसी पवित्र बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। खंडित मूर्तियों की पूजा अशुभ मानी गई है।

पूजन करते वक्त ये भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए। ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है। 

घर में जिस स्थान पर मंदिर है, वहां चमड़े से बनी चीजें, जूते-चप्पल नहीं ले जाना चाहिए। मंदिर में मृतकों और पूर्वजों के चित्र भी नहीं लगाना चाहिए। पूर्वजों के चित्र लगाने के लिए दक्षिण दिशा क्षेत्र रहती है। घर में दक्षिण दिशा की दीवार पर मृतकों के चित्र लगाए जा सकते हैं, लेकिन मंदिर में नहीं रखना चाहिए।

पूजा के मंदिर देवी-देवताओं को हार-फूल, पत्तियां आदि कभी भी बिना धोएं अर्पित ना करें। ये चीजें अर्पित करने से पहले एक बार साफ पानी से अवश्य धो लेना चाहिए। 

घर में पूजन स्थल के ऊपर कोई कबाड़ या भारी चीज न रखें। भगवान का मंदिर ऊपर से खाली होना चाहिए, साथ ही मंदिर पर गुंबद होना चाहिए।

पूजन में कभी भी खंडित दीपक नहीं जलाना चाहिए।