आज दिवाली (Diwali) का त्योहार हैं और आज का दिन बहुत ही खास है। हर्षोउल्लास के साथ यह त्योहार कार्तिक मास (Kartik month) के कृष्णपक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। दिवाली के पावन पर्व पर शाम को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) और भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा की जाती है।

वैसे तो धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां खरीद ली जाती है लेकिन कई लोग आज के दिन भी मां लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां खरीदते हैं। बताया जाता है कि घर में मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) का आगमन होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। बता दें कि लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें-
इन बातों का ध्यान-

    श्री लक्ष्मी-गणेश (Shri Ganesh) कभी भी एक साथ जुड़े हुए नहीं खरीदने चाहिए। पूजाघर में रखने के लिए लक्ष्मी और गणेश की ऐसी मूर्ति लेने चाहिए, जिनमें दोनों विग्रह अलग-अलग हों।

    श्री गणेश की मूर्ति में उनकी सूंड बाएं हाथ की तरफ मुड़ी होनी चाहिए। दाईं तरफ मुड़ी हुई सूंड शुभ नहीं होती है। सूंड में दो घुमाव भी ना हों।

    मूर्ति खरीदते समय हमेशा श्री गणेश जी (Shri Ganesh) के हाथ में मोदक वाली मूर्ति खरीदें। ऐसी मूर्ति सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
    श्री गणेश जी की मूर्ति में उनके वाहन मूषक की उपस्थिति अनिवार्य है।
    सोने, चांदी, पीतल या अष्टधातु की मूर्ति खरीदने के साथ क्रिस्टल के लक्ष्मी-गणेश की पूजा करना शुभ होता है।