छठ पर्व (Chhath Puja) आने वाला है। इससे पहले इसकी जोरोशोंरो से तैयारियां चल रही है। इस दिन छठव्रती 96 गंगाघाटों पर अर्घ्य देंगी। साथ ही बिहार प्रशासन ने पहले ही खतरनाक घाटों की सूची जारी कर दी है। जिला प्रशासन ने नगर निगम क्षेत्र के 12 घाटों को खतरनाक (dangerous) घोषित किया है।

डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह (DM Dr. Chandrashekhar Singh) ने इसकी घोषणा की है कि जिन घाटों को खतरनाक घोषित किया गया है, वहां रविवार से ही बैरिकेडिंग कर दी गई है। इन घाटों पर लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और पुलिस की भी तैनाती की गई है। इन्होंने आगे बताया कि नगर निगम (municipal corporation) पहले से 108 गंगा घाटों पर छठ महापर्व की तैयारी शुरू की थी।

बता दें कि लगभग एक लाख छठ व्रत (Chhath Puja) करने वाले लोगों की संख्या रहती है। इसीलिए इन दोनों घाटों पर तैयारी की जा रही है। कलेक्ट्रेट घाट पर लगभग एक किमी में दलदल की स्थिति है। इस कारण पीपापुल नहीं बन पा रहा है। लेकिन प्रशासन अब इस घाट पर जाने के लिए बांसघाट से संपर्क पथ बना रहा है। यानी कलेक्ट्रेट घाट (Collectorate Ghat) पर जाने के लिए दो से तीन किमी लंबी दूरी तय करनी होगी।

ये घाट खतरनाक घोषित

कटाही घाट, टेढी घाट, महाराज घाट, मिरचई घाट, अदालत घाट, मिश्री घाट, टीएन बनर्जी घाट, जजेज घाट, अंटा घाट, जहाज घाट, बीएन कालेज घाट तथा बांकीपुर घाट शामिल है। कटाही व टेढी घाट पर दो से तीन फीट तक दलदल है। यहां संपर्क पथ नहीं बन पाया। मिरचई घाट पर भी दो से तीन फीट दलदल है। इसके अलावा अदालत घाट, मिश्री घाट, टीएन बनर्जी घाट, जजेज घाट, अंटा घाट, जहाज घाट, बीएन कालेज घाट तथा बांकीपुर घाट पर नाले का गंदा पानी लगातार गिर रहा है।