आज अक्षय तृतीया का पर्व आज है। ग्रहों की स्थिति में हुए फेरबदल से कई तरह के योग बने हैं। यह योग से राशियों के लिए लाभकारी हैं। इसी तरह से सबसे ज्य़ादा जो लाभकारी हैं वह लक्ष्मी-योग और उच्च राशि के चन्द्रमां से महाशुभ संयोग है। बताया जाता है कि इसी दिन से त्रेता युग का आरंभ हुआ था और भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन हुआ था।

परशुराम के जन्म पर अक्षय तृतीया के दिन ही श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाते हैं, इस दिन गंगा स्नान का बड़ा विशेष महत्व है और विशेष रूप से इस दिन माता लक्ष्मी का पू जा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज मां लक्ष्मी की पूजा करने पर धन में समृद्धी होती है। जानकारी के लिए बता दें कि इसे अक्षय तृतीया का पर्व बहुत महत्वपूर्ण दिन माना गया है।

इस दिन किए गए कार्य का कभी क्षय नहीं होता है। वह कहते हैं कि क्षय समृद्धि को बढ़ाने वाला माना गया है, पर सोने के अलावा इस दिन किसी भी नई वस्तु की खरीदारी करने से घर में समृद्धि बढ़ती है। इस दिन किया गया कार्य अक्षय रहता है, उसका कभी ह्रास नहीं होता है। इसलिए अक्षय तृतीय के दिन जप तप पूजा और दान-पुण्य का बहुत महत्व है। इस दिन अपनी सामर्थय के अनुरूप जरूरतमंदों, ब्राह्मणों और धार्मिक स्थलों में दान अवश्य करना चाहिए। इस दिन लक्ष्मी माता का विशेष-पूजन करना चाहिए इससे उनकी अक्षय कृपा मिलती है।

ग्यारह बार श्रीसूक्त का पाठ करें और इस मंत्र का 11 बार जाप करें
ॐ श्रीम श्रीये नमः