बुद्ध पूर्णिमा आने वाली है। इस पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण होगा। वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 26 मई को यह खगौलिय घटना होगी। बता दे कि संपूर्ण भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। जैसे की हम जानते हैं कि चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व होने के साथ ही धार्मिक और ज्योतिष महत्व भी होता है। इन में राशियों पर काफी प्रभाव पड़ता है। कई राशियों के लिए ग्रहण अच्छा होता है तो कुछ राशियों के लिए ग्रहण बुरा होता है।

ज्योतिषओं के अनुसार इस बार होने वाले चंद्र ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव वृश्चिक राशि पर पड़ेगा। 26 मई को होने वाला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण के दौरान वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र के लोगों को इस दिन विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सावधानी रखें तो बेहतर होगा जीवन के लिए। चंद्र ग्रहण अमेरिका, उत्तरी यूरोप, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ क्षेत्रों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा।

हैरानी की बात है कि भारत में उपछाया की तरह ग्रहण दिखाई देगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल मान्य नहीं होता है। साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 19 नवंबर, 2021 को लगेगा। चंद्र ग्रहण के दौरान अधिक से अधिक भगवान का ध्यान करना चाहिए। इस समय मंत्र जप का विशेष महत्व होता है। ताकी कुछ बुरा घटित ना हो।