13 अप्रैल, मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पावन मौके पर हर बार मां अलग- अलग वाहनों से आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के पावन दिनों में मां धरती पर ही निवास करती हैं। इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में मां की पूजा- अर्चना करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 

देवीभागवत पुराण के अनुसार मां दूर्गा का आगमन आने वाले भविष्य की घटनाओं के बारे में संकेत देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां का वाहन शेर होता है, लेकिन नवरात्रि के पावन मौके पर मां पृथ्वी पर अलग- अलग वाहनों पर आती हैं।

मां किस वाहन से धरती पर आएंगी ये दिन पर निर्भर करता है। अगर नवरात्रि की शुरुआत रविवार, सोमवार से हो रही है तो मां पृथ्वी पर हाथी पर सवार होकर आती हैं। शनिवार, मंगलवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां घोड़े पर सवार होकर आती हैं। गुरुवार, शुक्रवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां डोली पर आती हैं। वहीं अगर बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो मां नाव पर सवार होकर आती हैं। इस बार नवरात्रि मंगलवार से प्रारंभ हो रही हैं, इसलिए मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा का घोड़े पर आना शासन और सत्ता के लिए अशुभ माना गया है।