मां भगवती का उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है। पिछले साल 2020 में  कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन से सभी मंदिरों में सन्नाटा छाया हुआ था। इस बार मंदिरों में पहले जैसी  रौनक नहीं है क्योंकि कोरोना के डर से घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लेकिन फिर भी भक्ति लोगों की कम नहीं हुई है। इस बार भक्त श्रद्धा, उल्लास के दर्शन-पूजन करेंगे।


नवरात्र के दौरान सिद्धपीठ अलोपशंकरी देवी, कल्याणी देवी और ललिता देवी समेत शहर के सभी देवी मंदिरों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन-अर्चना की जाएगी। बता दें कि 13 अप्रैल से शुरू होकर नवरात्र का समापन 22 अप्रैल को होगा।  ज्योतिषाचार्य के अनुसार प्रतिपदा तिथि 12 अप्रैल, सोमवार को शाम 6:58 बजे शुरू हो जाएगी, जो मंगलवार सुबह 8:46 बजे तक रहेगी।

प्रतिपदा का मान उदया तिथि में 13 अप्रैल को होगा। इस दिन सूर्य की मेष राशि में संक्रांति होगी। इससे सूर्य अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे। साथ ही भौमाष्टमी और सर्वार्थ अमृतसिद्धि योग नवरात्र के महात्म्य में वृद्धि करेगा। इसी दिन नवसंवत्सर की शुरुआत होगी। इस बार चैत्र नवरात्र में किसी तिथि का क्षय नहीं है। 13 अप्रैल को आश्विन नक्षत्र और चंद्रमा मेष राशि में रहेगा।