उत्तराखंड के हरिद्वार में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रसार के चलते पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने 17 अप्रैल को कुंभ मेला समापन की घोषणा कर दी है।  अखाड़े के कुंभ मेला प्रभारी एवं सचिव महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि कोरोना वायरस का प्रसार तेज हो गया है और साधु-संत एवं श्रद्धालु इसकी चपेट में आने लगे हैं। 

उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी।  इस बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को कई नई पाबंदियां लागू की हैं।  सरकार ने वायरस के नियंत्रण के लिए कोचिंग संस्थान और स्पा को खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए विवाह तथा अन्य समारोहों में 200 से ज्यादा व्यक्तियों के शामिल होने पर रोक जैसे कई उपाय लागू किए हैं। 

देहरादून में जारी एक आदेश में प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि सभी धार्मिक, राजनीतिक और विवाह जैसे सामाजिक समारोहों में 200 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि हरिद्वार महाकुंभ क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी दिशा निर्देश लागू होंगे। 

शुक्रवार से प्रभावी होने वाले इस आदेश में मुख्य सचिव ने कहा कि बस, विक्रम, ऑटो, रिक्शा आदि सार्वजनिक वाहन अधिकतम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही संचालित होंगे, जबकि जिम, सिनेमा हॉल, रेस्तरां तथा बार भी 50 फीसदी क्षमता के साथ ही खुलेंगे। 

आदेश के मुताबिक सूबे में स्विमिंग पूल और स्पा भी नहीं खुलेंगे।  कंटेनमेंट और माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्रों में सभी प्रकार के समारोह, सार्वजनिक वाहनों के संचालन, सिनेमा हाल, जिम, रेस्टोरेंटों के खुलने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। 

आदेश में कहा गया है कि रात 10:30 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रात्रि कर्फ्यू के दौरान केवल कुछ आवश्यक कार्यों के लिए ही आवागमन की छूट रहेगी।  आदेश के मुताबिक पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थान पूर्णत: बंद रहेंगे।  कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से अनुपालन करना होगा और ऐसा न करने वालों के विरूद्ध महामारी अधिनियम सहित अन्य कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।