अगले महीने मार्च की शुरूआत बहुत ही खास हिन से होने वाली है। मार्च के पहली एक तारीख को देवों के देव महादेव की सबसे बड़ी रात्रि यानी महाशिवरात्री का त्योहार है। पंचांग के अनुसार Mahashivratri का त्योहार हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतु्र्दशी तिथि पर मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि की तिथि को बहुत ही शुभ और फलदायी बताया गया है।
इस तिथि पर चंद्रमा अपनी कमजोर स्थिति में होते हैं और वहीं चंद्रमा भगवान भोलेनाथ की जटाओं में शुशोभित होते हैं ऐसे में Mahashivratri पर शिवजी का पूजन करने से व्यक्ति का चंद्रमा बली होता है। इसके अलावा ज्योतिष में बताया गया है कि Lord Bholenath को सभी 12 राशियों में से 3 राशियां सबसे अधिक प्रिय होती हैं।


 
मेष राशि (Aries)-

सभी 12 राशियों में मेष राशि पहली राशि होती है। इस राशि के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं। मेष राशि पर भगवान शिव की विशेष कृपा रहती है क्योंकि यह उनकी सबसे प्रिय राशि में से एक है। ऐसे में महाशिवरात्रि पर मेष राशि के जातकों पर भोलेनाथ की कृपा बरसेगी। मेष राशि वालों की किस्मत के सितारे बुलंद रहेंगे। उन्हें हर एक कार्य में सफलता प्राप्ति होगी। नौकरी में प्रमोशन और धन लाभ के संकेत हैं। मेष राशि के जातकों को शिवजी को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर्व पर शिवलिंग पर जलाभिषेक जरूर करना चाहिए।

 

मकर राशि (Capricorn)-

इस महाशिवरात्रि पर मकर राशि वालों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा रहेगी। मान-सम्मान और धन में वृद्धि के संकेत हैं। मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। मकर राशि भी शिवजी की प्रिय राशियों में से एक है। इस राशि पर शनि और शिव दोनों की कृपा होती है। जब भी इस राशि के जातकों पर किसी प्रकार की विपदा आती है तो उस समय भगवान शिव दूर कर देते हैं। इस राशि के जातकों को शिव आराधना जरूर करनी चाहिए। इस राशि के जातकों के लिए शिव पूजा बहुत ही लाभकारी और शुभफलदायी मानी गई है। मकर राशि के जातकों को शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।
 
कुंभ राशि (Aquarius)-

कुंभ राशि के जातकों को इस महाशिवरात्रि पर कुछ विशेष फल की प्राप्ति होगी। नौकरी में काफी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। नई नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। मकर राशि की तरह कुंभ राशि के स्वामी भी शनि देव हैं। शनिदेव दो-दो राशियों के स्वामी माने जाते हैं। शनि की इस राशि पर भी शिव की कृपा हमेशा बरसती है। कुंभ राशि के जातकों को शिव आराधना करनी चाहिए। ऊं नम:शिवाय का जाप सभी तरह के कष्टों को दूर करने के लिए शुभ रहता है।


(यह आलेख सिर्फ जनरुचि के लिए हैं, यह आलेख इन सब का दावा नहीं करता है। यह लौकिक मान्यता आधारित है।)