इस साल रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं है। 22 अगस्त को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर ही भद्राकाल समाप्त हो चुका है। शुभ मुहूर्त की शुरूआत हो चुकी है। आज शाम 6बजे कर शुभ मुहूर्त रहेंगे। शाम तक बहन अपने भाई को किसी भी समय पर राखी बांध सकती है।  आज के दिन रक्षाबंधन ही नहीं कजरी पूर्णिमा भी है।
 


राखी पूजा की थाली की सामग्री-

थाली में रोली, चंदन, अक्षत, दीपक, राखी व मिठाई अवश्य रखनी चाहिए। सबसे पहले राखी भगवान को समर्पित करें और इसके बाद भाई को राखी बांधे। इस दौरान भगवान से भाई की लंबी आयु की कामना करें।


महत्व-

मान्यताओं के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा के दिन इंद्र देवता और उनकी पत्नी इंद्राणी की प्रार्थना पर गुरु बृहस्पति ने इंद्र को रक्षा सूत्र बांधा था। इस दिन माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर अपना भाई बनाया था। दूसरी मान्यता ये भी है कि द्रौपदी ने कृष्ण जी के हाथ पर लगी चोट पर अपनी साड़ी चीरकर पट्टी बांधी थी। इसी दौरान कृष्ण भगवान ने द्रौपदी को अपनी बहन मान लिया था।