भाद्रपद का महीना चल रहा है। इस महीने में देवी देवताओं के खास त्योहार होते हैं और पूजा भी की जाती है। मान्यताओं के मुताबिक भाद्र के शुक्ल चतुर्थी के दिन भगवान गणेशजी का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इस दिन गणपति की स्थापना करके गणेशोत्सव मनाया जाता है। महाराष्ट्रा में यह सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है।


जानकारी के लिए बता दें कि प्रत्येक माह के कृष्‍ण पक्ष की चतुर्थी संकष्टी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी विनायक चतुर्थी कहलाती है। अमावस्या के बाद वाली चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी और पूर्णिमा के बाद वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन खासतौर से गणेशजी की विशेष पूजा होती है। गणेशजी की पत्नियों के बारे में-1. गणेशजी की ऋद्धि और सिद्धि नामक दो पत्नियां हैं, जो प्रजापति विश्वकर्मा की पुत्रियां हैं।2. सिद्धि से 'क्षेम' और ऋद्धि से 'लाभ' नाम के 2 पुत्र हुए। लोक-परंपरा में इन्हें ही 'शुभ-लाभ' कहा जाता है। संतोषी माता को गणेशजी की पुत्री कही जाती है।3. गणेशजी के पोते आमोद और प्रमोद हैं जबकि तुष्टि और पुष्टि को गणेशजी की बहुएं कहा गया है।