आधुनिक दुनिया (modern world) में जितनी सहूलियत है उतनी है ये तकलीफ भी देती है। अभी के समय में हर कोई तनाव का शिकार है। इस भागम-भाग जिंदगी में मन की शांत (peace of mind) के लिए भी लोग भागम-भाग करते हैं। मानसिक तनाव, डिप्रेशन (depression) ये इंसान को अंदर ही अंदर मार देती है जिससे इंसान जिंदा लाश की तरह रहता है। अगर आप भी इस तरह के जूझ रहे हैं तो आपके लिए आलेख पढ़ना बहुत जरूर है,.....


आत्म खुश (self happy)-मानसिक रोगों से मुक्ति के लिए सबसे पहले आपको नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए और अपने कुंटुंब के ईष्ट देवों का ध्यान करना चाहिए। साथ ही हर रोज रूद्राक्ष की माला से सुबह-शाम ‘ओम उमादेवीभ्यां नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।तनाव (Tension)-भगवान शिव की पूजा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है इसलिए जन्मदिन, त्रयोदशी, प्रदोष व्रत व महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का रूद्राभिषेक अवश्य कराएं और दो घंटे मौन रहकर भगवान शिव का ध्यान रखें। साथ ही पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर चंद्रमा का पूजन करें। ऐसा करने से मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है और चंद्रमा शुभ फल देता है।
दिमाग की शांति (peace of mind)-हर रोज ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए और ईष्ट देवी-देवताओं का ध्यान के साथ भगवान शिव और विष्णुजी का किसी रूप में ध्यान करें। साथ ही सूर्योदय से ढाई घंटे के अंदर अर्थात दिन का पहला आहर करें यानी भोजन कर लें। इससे दिमाग को पूर्ण शक्ति मिलती है और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। अगर इस समय पर नाश्ता करेंगे तो दिमाग भी कमजोर होता है।