हिमालय की गोद में बसे सिक्किम राज्य की वादियां का सुहाना सफर, प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य, जो दिल के झरोखो में रिमझिम और छनछनाती आवाजे, और यहां के मनमोहक फूलों की क्यारिया, और जसे लगता है दूर से कोई कोयल की कुक सुनाई दे रही है, और जैसे लगता है इसी तपोवन में सारी जिंदगी लगा दूं|


सिक्किम को भूमि या फूलों का प्रदेश कहना गलत नहीं होगा। वास्तव में यहां के नैसर्गिक सौंदर्य में जो आकर्षण है, वह अन्यत्र दुर्लभ है।

नदियां, झीलें, बौद्ध मठ और स्तूप तथा हिमालय के बेहद लुभावने दृश्यों को देखने के अनेक स्थान, ये सभी हर प्रकृतिप्रेमी को बाहें फैलाए आमंत्रित करते हैं।


विश्व की तीसरी सबसे ऊंची पर्वतचोटी कंचनजंगा (28156 फुट) यहां की सुंदरता में चार चांद लगाती है। सूर्य की सुनहली किरणों की आभा में नई-नवेली दुलहन की तरह दिखने वाली इस चोटी के हर क्षण बदलते मोहक दृश्य सुंदरता की नई-नई परिभाषाएं गढ़ते हुए से लगते हैं। मनुष्य की कल्पनाओं का सागर यहां हिलोरें मारने लगता है।