देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है जो युवाओं के लिए काफी शानदार है। इसमें कहा गया है कि मोदी सरकार अब चीन का फॉर्मूला लगाएगी और 5 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरियां देगी। इस सर्वे में कहा गया है कि मेक इंडिया इंडिया अभियान में 'असेंबलिंग इन इंडिया फॉर वर्ल्ड' को शामिल रोजगार और एक्सपोर्ट पर ध्यान देने से 2025 तक अच्छी तनख्वाह वाली 4 करोड़ और 2030 तक 8 करोड़ नौकरियां दी जा सकती हैं।

सरकार का मानना है कि इससे 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य तक तेजी से बढ़ना भी संभव होगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने चीन और भारत के एक्सपोर्ट के आंकड़ों में फर्क बताते हुए कहा कि चीन कामगारों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देता है। भारत को भी ऐसा करने की जरूरत है। आर्थिक विकास दर को लेकर अनुमान है कि आने वाले वित्त वर्ष (2020-21) में जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 6-6.5 फीसदी पहुंच सकती है। चालू वित्त वर्ष (2019-20) में ग्रोथ रेट 5% रहने का ही अनुमान है। हालांकि यह पिछले 11 साल में सबसे कम होगी।

इस सर्वे में यह भी कहा गया है कि ग्लोबल ग्रोथ में कमजोरी का असर भारत पर भी पड़ रहा है। फाइनेंशियल सेक्टर की दिक्कतों के चलते निवेश में कमी की वजह से भी चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ घटी। लेकिन, जितनी गिरावट आनी थी आ चुकी है। अगले वित्त वर्ष से ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है।सर्वे में यह भी कहा गया कि प्याज जैसी कमोडिटी की कीमतों में स्थिरता लाने के लिए सरकार के उपाय प्रभावी साबित होते नहीं लग रहे।

इस सर्वे में कहा गया है कि 2025 तक देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक बनाने का अहम तरीका है- नैतिकता को ध्यान में रखकर पैसे कमाना। इस बार आर्थिक सर्वे हल्के बैंगनी (लैवेंडर) रंग में छपा, जैसा कि 100 रुपए के नए नोट का रंग होता है। इस बार सर्वे थीम है- 'बाजार सक्षम बने, कारोबारी नीतियों को बढ़ावा मिले, अर्थव्यवस्था में भरोसा हो।'

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