उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई 'अब्बा जान' वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि इस तरह के बयान "आक्रामक" हैं। नसीरुद्दीन शाह ने कहा, "यूपी के सीएम का अब्बा जान वाला बयान अवमानना ​​के अधीन है और प्रतिक्रिया के लायक भी नहीं है।"

अभिनेता ने कहा, "इस पर प्रतिक्रिया करने का कोई मतलब नहीं है। लेकिन तथ्य यह है कि यह अब्बा जान बयान उस नफरत भरे बयान का सिलसिला है, जो वह (योगी आदित्यनाथ) हमेशा से उगलते रहे हैं।"

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गरहा है, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 2017 से पहले राज्य में केवल 'अब्बा जान' कहने वालों को ही राशन मिलता था। रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा संबोधित एक जनसभा में उन्हें यह कहते हुए भी सुना गया है कि कि उत्तर प्रदेश में उनके कार्यकाल के दौरान "तुष्टिकरण की राजनीति" समाप्त हो गई।

नसीरुद्दीन शाह हाल ही में अफगानिस्तान में तालिबान शासन की वापसी का जश्न मनाने वाले भारतीय मुसलमानों की निंदा करने वाली अपनी टिप्पणी के लिए चर्चा में थे।

अपने बयान के लिए हिंदू दक्षिणपंथी से मिले समर्थन के बारे में पूछे जाने पर, नसीरुद्दीन शाह ने कहा, "हिंदुओं को भारत में बढ़ती दक्षिणपंथी कट्टरता के खिलाफ बोलना चाहिए। यह समय है कि उदार हिंदू इसके खिलाफ बोलें, क्योंकि अब यह बढ़ता ही जा रहा है।''

नसीरुद्दीन शाह ने केरल में एक कैथोलिक बिशप की यह दावा करने के लिए भी आलोचना की कि चरमपंथी 'लव जिहाद' और 'नारकोटिक जिहाद' जैसी रणनीति का उपयोग करके "गैर-मुसलमानों को खत्म करने" की कोशिश कर रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि उन्होंने किसके प्रभाव में ऐसा कहा, लेकिन इस तरह के बयान समाज को अलग-थलग करने के लिए दिए गए हैं।''