देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार में कुंभ मेले का प्रारंभ हो गया है। हरिद्वार कुंभ के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर प्रबंध किया है। देशभर से लोग पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। कुंभ मेले में सबसे बड़े आर्कषण का केंद्र शाही स्नान होते हैं।

इसमें देश दुनिया के लोग अखाड़ों के साधुओं के साथ और उसके बाद स्नान करते हैं। शाही स्नान के लिए निकलने वाले अखाड़ों की यात्रा भव्य और आकर्षक होती है, जो भारत के समृद्धि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की झलक पूरे विश्व के समक्ष पेश करती है। 

ललाट पर त्रिपुंड, शरीर में भस्म लगाए नागा साधुओं का हठ योग हो या फिर साधना, विद्वानों के प्रवचन, अखांड़ों के लंगर, अध्यात्म और धर्म पर चर्चा आदि सबकुछ कुंभ में देखने को मिलता है। जागरण अध्यात्म में आज जानते हैं कि हरिद्वार कुंभ के शाही स्नान किस तारीख को होंगे।

हरिद्वार कुंभ 2021 के शाही स्नान

1. पहला शाही स्नान

हरिद्वार कुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च दिन गुरुवार को होगा। यह दिन बड़ा ही विशेष है क्योंकि इस दिन महाशिवरात्रि है। इस विभिन्न अखाड़ों के साधु और संन्यासी अपने तय कार्यक्रम के तहत गंगा स्नान करेंगे।

2. दूसरा शाही स्नान

हरिद्वार कुंभ का दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल दिन सोमवार को है। यह दिन भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन सोमवती अमावस्या है। अमावस्या के दिन तो वैसे भी स्नान और दान आदि करने का बड़ा पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन लोग विशेष तौर पर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और अपने पितरों का तर्पण करते हैं। पितरों की तृप्ति के लिए पिंडदान आदि किया जाता है।

3. तीसरा मुख्य शाही स्नान

हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान 14 अप्रैल दिन बुधवार को है। इस दिन मेष संक्रांति है। इस दिन भी देश दुनिया से आए हुए साधु संत पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

4. चौथा शाही स्नान

हरिद्वार कुंभ का चौथा और अंतिम शाही स्नान 27 अप्रैल दिन मंगलवार को होगा। इस दिन बैसाख पूर्णिमा है।