एक्ट्रेस सुधा चंद्रन (Actress Sudha Chandran) ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना दुख जाहिर किया था. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में खुलासा किया कि वे जब भी एयरपोर्ट जाती हैं, तो उन्हें अपने नकली पैर को निकालकर चेकिंग (Get her fake leg removed and checked) कराने के लिए कहा जाता है. सुधा ने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से इस व्यवस्था को बदलने की गुहार लगाई थी.

सुधा चंद्रन ने कहा, प्रोफेशनली, मुझे काफी ट्रेवल करना होता है और हवाई यात्रा के दौरान मुझे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कई बार ऐसा होता है कि सुरक्षाकर्मी मेरे साथ अड़ जाते हैं. मेरे नकली पैर के बारे में सवाल पर सवाल करते हैं - आपका ये लिंब कहां तक है, घुटने के ऊपर है या नीचे, आपको इसे निकालना पड़ेगा, हमको इसकी जांच करनी होगी वगैरह. मैं ये नहीं कह रही कि सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force) गलत काम कर रही हैं लेकिन वो एक सम्मान के साथ होना चाहिए. कुछ लोग समझदार भी होते है , लेकिन कुछ लोग ऐसे मिल जाते हैं, जो आपसे गलत तरीके से बात करेंगे.

सुधा ने आगे कहा दुर्भाग्यवश मुझे ज्यादा दिक्कत मुंबई एयरपोर्ट (Mumbai airport.) पर आई है. देखिए, ये लड़ाई सिर्फ सुधा चंद्रन की नहीं हैं. मेरी कहानी तो लोग जानते हैं. मैं ये मुद्दा उन लोगों के लिए उठा रही हूं जो कि फिजिकली डिसेबल्ड (Physically disabled)  हैं. चलो, मैं तो एक सेलिब्रिटी हूं, कभी-कभार मेरी बात मान भी लेंगे, लेकिन हर बार तो सेलिब्रिटी स्टेटस का इस्तेमाल करना सही बात नहीं है ना. मैं अपनी अचीवमेंट का फायदा कभी नहीं उठाना चाहती, यदि ऐसा कुछ करती हूं तो खुद को इंडियन कैसे कह पाऊंगी?

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांगी माफी (Jyotiraditya Scindia apologizes) 

सुधा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने के बाद सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia apologizes) ने उनसे माफ़ी मांगी. साथ ही कुछ और मंत्रियों ने उन्हें मदद करने की बात कही है. सुधा बोलीं, जैसे ही मेरा पोस्ट वायरल हुआ, मुझे ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से संदेश मिला कि वे इस घटना के लिए माफ़ी चाहते हैं और वे पर्सनली इस मैटर को देख रहे हैं. हैदराबाद के डीआईजी ने भी मुझे आश्वासन दिया है कि मुझे आगे चलकर परेशानी नहीं होगी. लखनऊ सरकार से भी कॉल आए. उम्मीद करती हूं कि मेरे साथ-साथ दूसरे फिजिकल डिसेबल्ड लोगों की भी मदद हो पाए.