आज खुशियों का त्योहार दिवाली (Diwali) है और आज का दिन बहुत ही सुहाना है। दिवाली के पावन दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। हर साल कार्तिक मास (Kartik month) की अमावस्या तिथि पर दिवाली मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार दिवाली का पूजन प्रदोष काल में करना चाहिए।

हिंदू धर्म में पूजा से पहले शुभ मुहूर्त (Diwali Shubh Muhrat) देखा जाता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली पूजा शाम को या रात्रि में की जानी चाहिए। दिवाली के पावन दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshm) का वास धरती में ही होता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त (Diwali Shubh Muhrat)-

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - 06:09 पी एम से 08:04 पी एम
    अवधि - 01 घण्टा 56 मिनट

दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

    प्रातः मुहूर्त (शुभ) - 06:35 ए एम से 07:58 ए एम
    प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 10:42 ए एम से 02:49 पी एम
    अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 04:11 पी एम से 05:34 पी एम
    सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) - 05:34 पी एम से 08:49 पी एम
    रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 12:05 ए एम से 01:43 ए एम, नवम्बर 05


पूजा का शुभ मुहूर्त-

    लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - 06:09 पी एम से 08:04 पी एम
    अवधि - 01 घण्टा 56 मिनट


दीवाली लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

    प्रातः मुहूर्त (शुभ) - 06:35 ए एम से 07:58 ए एम
    प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 10:42 ए एम से 02:49 पी एम
    अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 04:11 पी एम से 05:34 पी एम
    सायाह्न मुहूर्त (अमृत, चर) - 05:34 पी एम से 08:49 पी एम
    रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 12:05 ए एम से 01:43 ए एम, नवम्बर 05