आज कृष्णा का जन्म होगा और जन्माष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा वृष राशि में रहने के साथ ही जन्माष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। ज्योतिषविद विभोर इंदुसुत कहते हैं कि अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, चंद्रमा वृष राशि में होने से श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व का व्रत करना इसी दिन उत्तम धर्म शास्त्र सम्मत है।


ऐसे करें पूजा

- इस दिन बाल गोपाल का शंख से पंचामृत अभिषेक करना चाहिए।
-साथ ही केसर मिले हुए दूध और गंगाजल से स्नान कराएं।
-बाल गोपाल का अभिषेक करने के दौरान लगातार ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
-अभिषेक के बाद बाल गोपाल को नया वस्त्र पहनाएं। फिर उनकी माला, बांसुरी, मोरपंख, चंदन का टीका और तुलसी की माला से शृंगार करें।


श्री कृष्ण जन्माष्टमी मुहूर्त
- अष्टमी तिथि प्रारंभ- रविवार को रात 11 बजकर 25 मिनट से
- अष्टमी तिथि समाप्त- सोमवार को देर रात 01 बजकर 59 मिनट पर होगा।
- रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ- सोमवार सुबह 06 बजकर 39 मिनट से
- रोहिणी नक्षत्र समापन- 31 अगस्त को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर।
सर्वार्थ सिद्धि योग के महत्व के साथ ऐसे करें भगवान श्री कृष्णा की पूजा, पूरी होगी मनोकामना