आज हर मां अपने बच्चों के लिए जितिया व्रत करती है। इसमें वह अपने बच्चों की सुख समृद्धि और अच्छी सेहत की कामना करती है। जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका और जिउतिया व्रत के नाम से भी जानते हैं। बता दें कि यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है।

जितिया व्रत-

जितिया व्रत में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, निरोगी जीवन और खुशहाली के लिए रखती हैं। तीन दिनों तक चलने वाले जितिया व्रत का काफी महत्व है। वंश वृद्धि के लिए भी इस व्रत को सबसे उत्तम माना जाता है। इसी के साथ निर्जला रखा जाएगा आज जितिया व्रत भी है।

इन मुहूर्त में ना करें पूजा-

राहुकाल- दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
यमगंड- सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
गुलिक काल- सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
दुर्मुहूर्त काल- दोपहर 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक।