महावीर हनुमान मन से की गई हर प्रार्थना से प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन वर्ष के बारह महीने सुरक्षा और हर मनोकामना पूर्ण करने के लिए बजरंग बली (Chant the twelve names of Mahavir Hanuman ) के बारह नामों का विशेष महत्व है. ये नाम हैं...

1. हनुमान, 2. अंजनी सुत, 3. वायुपुत्र, 4. महाबल, 5. रामेष्ट, 6. फाल्गुनसखा, 7. पिंगाक्ष, 8. अमित विक्रम, 9. उदधिक्रमण, 10. सीताशोकविनाशन, 11. लक्षमणप्राणदाता, 12. दशग्रीवदर्पहा

महावीर हनुमान भक्त कोई भी शुभ कार्य आरंभ (Chant the twelve names of Mahavir Hanuman )  करने से पूर्व इन बारह नामों का स्मरण करें, कार्य सफल होंगे.

सुरक्षा के लिए भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर इसे धारण कर सकते हैं.

ये बारह नाम... प्रात:काल दीर्घायु प्रदान करते हैं, दोपहर में धन प्रदान करते हैं तो रात्रि में शत्रु नाश करते हैं.

सर्व मनोकामना पूरी करने के लिए इन बारह नामों का नित्य तीनों समय जाप करना चाहिए.

- बुधवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा               रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- लाभ                       पहला- उद्वेग

दूसरा- अमृत                      दूसरा- शुभ

तीसरा- काल                      तीसरा- अमृत

चौथा- शुभ                          चौथा- चर

पांचवां- रोग                         पांचवां- रोग

छठा- उद्वेग                      छठा- काल

सातवां- चर                             सातवां- लाभ

आठवां- लाभ                        आठवां- उद्वेग

 दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग  

बुधवार, 3 नवंबर, 2021

काली चौदस

मासिक शिवरात्रि

हनुमान पूजा

शक सम्वत1943   प्लव

विक्रम सम्वत2078

काली सम्वत5122

प्रविष्टे / गत्ते18

मास आश्विन

दिन काल11:00:43

तिथित्रयोदशी - 09:04:50 तक, चतुर्दशी - 30:06:05 तक

नक्षत्रहस्त - 09:59:07 तक

करणवणिज - 09:04:50 तक, विष्टि - 19:38:36 तक

पक्ष कृष्ण

योग विश्कुम्भ - 14:52:17 तक

सूर्योदय06:34:09

सूर्यास्त17:34:52

चन्द्र राशिकन्या - 20:54:26 तक

चन्द्रोदय29:40:00

चन्द्रास्त16:41:00

ऋतु हेमंत

अभिजित मुहूर्त कोई नहीं

अग्निवास आकाश - 09:02 ए एम तक

पाताल - 06:03 ए एम, नवम्बर 04 तक, पृथ्वी

दिशा शूल उत्तर

चन्द्र वास दक्षिण - 08:54 पी एम तक

पश्चिम - 08:54 पी एम से पूर्ण रात्रि तक

राहु वास दक्षिण-पश्चिम