मान्यता के अनुसार घोड़े की नाल को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस नाले को घर में रखने से न सिर्फ सुख-समृद्धि आती है बल्कि जीवन में तरक्की के कई रास्ते भी खुलते हैं। वास्तु शास्त्र में घोड़े की नाल के फायदे का उल्लेख किया गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घोड़े की नाल बुरी नजर से भी बचाती है। इसके लिए वास्तु नियम के अनुसार घर में घोड़े की नाल रखनी चाहिए तभी लाभ होता है। आइए जानते हैं घोड़े की नाल का महत्व और उससे जुड़े वास्तु नियम।

घोड़े की नाल का महत्व

वास्तु शास्त्र अनुसार घोड़े की नाल U आकार की होती है। घोड़े की नाल दो प्रकार की होती है। पहला U पैटर्न में और दूसरा रिवर्स U पैटर्न में। जब घोड़े के खांचे के दोनों सिरे एक-दूसरे के आमने-सामने हों, तो इसे U पैटर्न कहा जाता है। इसी तरह यदि दोनों सिरे नीचे की ओर हों, तो इसे रिवर्स U पैटर्न कहा जाता है। घोड़े की नाल को अंग्रेजी में हॉर्स शू कहते हैं। घर में घोड़े की नाल रखना बहुत शुभ माना जाता है।

घोड़े की नाल के लाभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में नकारात्मक और बुरी शक्तियों को नष्ट करने के लिए घर के मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल रखनी चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का ही प्रवेश होता है। घोड़े की नाल घर में सुख-समृद्धि लाती है। धन, स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। ऐसा माना जाता है कि व्यापार में वित्तीय स्थिति मजबूत होती है। घोड़े की नाल हमें बुरी नजर से भी बचाती है।