घर में वैसे तो कई तरह की प्रतिमाएं होती हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए कि किस तरह की प्रतिमा का किस तरह का प्रभाव आपके घर पर पड़ेगा।  इसी तरह से घर में रखी प्रतिमाएं नकारात्मक और सकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव डालती है। जानवरों की मूर्तियां घर की खूबसूरती में चार चांद लगाती है, लेकिन इनका प्रभाव क्या क्या पड़ता है यह जाने-
हाथी की मूर्ति घर में रख सकते हैं लेकिन यह मूर्ति ठोस चांदी की या पीतल की होना चाहिए। हाथी ऐश्वर्य का प्रतीक है। शयनकक्ष में पीतल की प्रतिमा रखने से पति पत्नी के बीच मतभेद खत्म होते हैं और चांदी का हाथी रखने से राहु संबंधी सभी दोष दूर रहो जाते हैं।


हंस की मूर्ति घर में अतिथि कक्ष में स्थापित करें जिससे अपार धन समृद्धि की संभावनाएं बढ़ जाएगी और घर में हमेशा शांति बनी रहेगी। दो हंसों के जगह आप दो बत्तख या दो सारस के जोड़े की मूर्ति भी लगा सकते हैं।


कछुआ की मूर्ति घर में रखने से उन्नती के साथ ही धन-समृद्धि का योग बनता है। इसे रखने से आयु भी लंबी होने की मान्यता है। पूर्व और उत्तर दिशा कछुए की स्थापना हेतु सर्वोत्तम मानी गई है। ड्राइंग रूम में किसी पात्र में जल भरकर कछुआ रख सकते हैं। कछुआ धातु का होना चाहिए लकड़ी का नहीं।

तोता की मूर्ति या तस्वीर को अध्ययन कक्ष में रखना चाहिए या जहां बच्चे पढ़ाई करते हैं उत्तर दिशा में तोते की तस्वीर को लगाने से पढ़ाई में बच्चों की रुचि बढ़ती है, साथ ही उनकी स्मरण क्षमता में भी इजाफा होता है। तोता प्रेम, वफादारी, लंबी आयु और सौभाग्य का प्रतीक होता है। अगर आप घर में बीमारी, निराशा, दरिद्रता और सुखों का अभाव महसूस कर रहे हैं तो तोते का चित्र या मूर्ति घर में स्थापित करें। तोता सौभाग्य की वृद्धि करता है।