1. शुक्रवार की रात 10 बजे के बाद एक चौकी पर कलश रखें।
  2. कलश के ऊपर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का चिह्न बनाकर उसमें पानी भर दें।
  3. अब कलश में चावल, दूर्वा और एक रूपया डाल दें।
  4. फिर एक छोटी सी प्लेट में चावल भरकर उसे कलश के ऊपर रखें।
  5. उसके ऊपर श्रीयंत्र स्थापित कर दें।
  6. इसके बाद उसके निकट चौमुखी दीपक जलाकर उसका कुंकुम और चावल से पूजन करें।
  7. इसके बाद 10 मिनट तक लक्ष्मी का ध्यान करें।
  8. आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी।