आज मंगलवार है और आज का दिन हनुमान जी (Hanuman ji) को समर्पित होता है। रामाणय मे बताया गया है कि  हनुमान जी को माता सीता (Mata Sita) जी ने अजर अमर होने के साथ अष्ट सिद्ध एवं नौ निधियों के स्वामी होने का आशीर्वाद दिया था।
यही कारण है कि भक्त हनुमान जी (Hanuman ji) की आराधना करता है उनको भी हनुमान जी की कृपा से सभी मनोकामना पूरी होने लगती है।
हनुमान जी की नौ निधियां-
1- पद्मनिधि (Padmanidhi)- पद्मनिधि लक्षणों से संपन्न मनुष्य सात्विक होता है तथा स्वर्ण चांदी आदि का संग्रह करके दान करता है।

2- महापद्म निधि (Mahapadma Nidhi)- महाप निधि से लक्षित व्यक्ति अपने संग्रहित धन आदि का दान धार्मिक जनों में करता है।

3- नील निधि (Nil Nidhi)- निल निधि से सुशोभित मनुष्य सात्विक तेजसे संयुक्त होता है। उसकी संपति तीन पीढ़ी तक रहती है।

4- मुकुंद निधि (Mukunda Nidhi)- मुकुन्द निधि से लक्षित मनुष्य रजोगुण संपन्न होता है वह राज्यसंग्रह में लगा रहता है।

5- नन्द निधि (Nand Nidhi)- नन्दनिधि युक्त व्यक्ति राजस और तामस गुणोंवाला होता है वही कुल का आधार होता है ।

6- मकर निधि (Makar Nidhi)- मकर निधि संपन्न पुरुष अस्त्रों का संग्रह करनेवाला होता है।

7. कच्छप निधि (Kachchap Nidhi)- कच्छप निधि लक्षित व्यक्ति तामस गुणवाला होता है वह अपनी संपत्ति का स्वयं उपभोग करता है।

8- शंख निधि (Shankh Nidhi)- शंख निधि एक पीढी के लिए होती है।

9- खर्व निधि (Kharva Nidhi)- खर्व निधिवाले व्यक्ति के स्वभाव में मिश्रीत फल दिखाई देते हैं।