आज शारदीय (Shardiya) का पहला नवरात्रि (Navratri) है। आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। हो रही है। हिंदू धर्म के मुताबिक नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। इसी के साथ माता की चौकी लगाने के बाद अखंड ज्योत जलाई जाती है। यह ज्योति 9 दिनों तक कभी भी नहीं बुझनी चाहिए वरना अनर्थ हो जाएगा।

नवरात्रि का दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा- अर्चना की जाती है। आज पहला नवरात्रि है और आज के दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
घटस्थापना-
घट स्थापना के दिन चित्रा नक्षत्र जैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष के मुताबिक इस दिन कन्या राशि में चर्तुग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है। घट स्थापना मुहूर्त 7 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 7 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच है। जो लोग इस शुभ योग में कलश स्थापना न कर पाएं, वे दोपहर 12 बजकर 14 मिनट से दोपहर 1 बजकर 42 मिनट तक लाभ का चौघड़िया में और 1 बजकर 42 मिनट से शाम 3 बजकर 9 मिनट तक अमृत के चौघड़िया में कलश-पूजन कर सकते हैं।
पूजा-विधि-    सुबह उठकर जल्गी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें।
    घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
    मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
    मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं।
    धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें।
    मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

पूजा सामग्री-
    लाल चुनरी, लाल वस्त्र, मौली, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/ तेल, धूप, नारियल, साफ चावल, कुमकुम, फूल, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, फल-मिठाई, कलावा के साथा मां दुर्गा की पूजा करें।