व्यक्ति की इच्छा होती है कि उसे अकूत धन मिले। लेकिन सबके साथ ऐसा नहीं होता। कई बार एकाएक धन की प्राप्ति हो जाती है और कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि तमाम प्रयासों के बाद भी तंगी बनी रहती है। इसी तरह यात्रा का योग भी है। 

व्यक्ति का मन होता है कि वह विदेश यात्रा पर जाए। कई बार प्रोग्राम भी बन जाता है, लेकिन एकाएक स्थगित करना पड़ता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार रेखाओं से धन योग और यात्रा का पता किया जा सकता है। हस्तरेखा विज्ञान में हस्तरेखाओं से धन के आगमन को लेकर अनेक संकेत मिलते हैं। रेखाओं के संयोग से पता चलता है कि व्यक्ति को धन की प्राप्ति होगी या नहीं। इसी तरह रेखाएं विदेश यात्रा का भी संकेत देती हैं।  

- हाथों में महत्वपूर्ण पर्वत होता है चंद्र पर्वत। यदि चंद पर्वत से कोई रेखा निकलकर बुध क्षेत्र तक अथवा बुध पर्वत तक पहुंचे तो व्यक्ति को जीवन में एकाएक धन मिलता है। व्यक्ति को यह धन यात्रा के दौरान मिलता है। 

- चंद्र क्षेत्र से कोई यात्रा रेखा निकले और पूरी हथेली का पार करते हुए गुरु पर्वत तक पहुंच जाए तो ऐसा व्यक्ति लंबी यात्राएं करता है। वह दूसरे देशों में जाता रहता है। यह यात्राएं बहुत लंबी होती हैं। 

- चंद्र पर्वत से निकली कोई यात्रा रेखा यदि हृदय रेखा में आकर मिल जाए तो यात्रा में प्रेम संबंध विकसित होने के योग बनते हैं। ऐसा व्यक्ति यात्रा में बने प्रेम संबंधों को विवाह में बदल देता है। यानी प्रेम विवाह होता है।

- चंद्र क्षेत्र पर बनी यात्रा रेखा पर कोई क्रॉस का निशान बन जाए तो फिर यात्रा नहीं हो पाती। यात्रा का बना-बनाया कार्यक्रम अक्समात स्थगित करना पड़ता है। 

- इसी तरह यदि चंद्र पर्वत से निकली यात्रा रेखा मस्तिष्क रेखा से जाकर मिल जाए तो यात्रा में व्यवसायिक समझौता या बौद्धिक कार्यों का अनुबंध करना पड़ता है। ऐसे अनुबंध अधिकांशत: सफल होते हैं।