अभी कार्तिक मास (Kartik month) चल रहा है और यह महीना सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है। इस महिेने में पूजा पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसमें आंवला नवमी (Kartik month) का विशेष महत्व होता है। आंवला नवमी 12 नवंबर, शुक्रवार को है। बता दें इस नवमी को अक्षय नवमी (Akshaya Navami) भी कहा जाता है। बता दें कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के नौवें दिन अक्षय नवमी को मनाया जाता है।
बताया जाता है कि इस दिन दान करने से उसका पुण्य वर्तमान के साथ अगले जन्म में भी मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, आंवला नवमी (Amla tree) के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा की जाती है। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

शुभ मुहूर्त-

12 नवंबर 2021, दिन शुक्रवार को सुबह 05 बजकर 51 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 13 नवंबर, शनिवार को सुबह 05 बजकर 30 मिनट तक रहेगी।
आंवला नवमी (Akshaya Navami) पूजा विधि-

  1. महिलाएं आंवला नवमी (Akshaya Navami) के दिन स्नान आदि करके किसी आंवला वृक्ष के समीप जाएं।
  2. उसके आसपास साफ-सफाई करके आंवला वृक्ष की जड़ में शुद्ध जल अर्पित करें।
  3. फिर उसकी जड़ में कच्चा दूध डालें।
  4. पूजन सामग्रियों से वृक्ष की पूजा करें और उसके तने पर कच्चा सूत या मौली 8 परिक्रमा करते हुए लपेटें।
  5. कुछ जगह 108 परिक्रमा भी की जाती है।
  6. इसके बाद परिवार और संतान के सुख-समृद्धि की कामना करके वृक्ष के नीचे ही बैठकर परिवार, मित्रों सहित भोजन किया जाता है।