हिन्दू धर्म में नारियल के बगैर तो कोई मंगल कार्य संपन्न होता ही नहीं है। पूजा के दौरान कलश में पानी भरकर उसके ऊपर नारियल रखा जाता है। बताया जाता है कि यह मंगल प्रतीक है। नारियल का प्रसाद भगवान को चढ़ाया जाता है। दूसरी ओर  साइंस के नजरिये से देखते हैं तो नारियल के पानी में पोटैशियम अधिक मात्रा में होता है। इसे पीने से शरीर में किसी भी प्रकार की सुन्नता नहीं रहती।  

बता दें नारियल के पौधे को घर में लगाने से शनि, राहु या केतुजनित कोई समस्या हो, कोई ऊपरी बाधा हो, बनता काम बिगड़ रहा हो, कोई अनजाना भय आपको भयभीत कर रहा हो अथवा ऐसा लग रहा हो कि किसी ने आपके परिवार पर कुछ कर दिया है, तो इसके निवारण के लिए शनिवार के दिन एक जलदार जटावाला नारियल लेकर उसे काले कपड़े में लपेटें। 100 ग्राम काले तिल, 100 ग्राम उड़द की दाल तथा 1 कील के साथ उसे बहते जल में प्रवाहित करें। ऐसा करना बहुत ही लाभकारी होता है।


तुलसी के पौझे की बात करें तो अभी हर घर में तुलसी का पौधा लगा रहता है। सभी घरों में लोग रखते ही है। इसके होने के कई फायदे हैं। यह एक ओर जहां सभी तरह के रोगाणु को घर में आने से पहले ही नष्ट कर देती है वहीं यह घर में सुख, शांति और समृद्धि का विकास करती है। इसके नियमित सेवन से किसी भी प्रकार का गंभीर रोग नहीं होता है।
 

हिन्दू धर्म के अनुसार तुलसी को लक्ष्मी का दूसरा रूप माना गया है। घर में तुलसी का पौधा पूर्व दिशान, ईशान कोण अर्थात पूर्व और उत्तर के बीच या उत्तर दिशा में लगाएं।