नवग्रहों में तेजस्वी और नवसंवत्सर-2078 के रसेश (मीठे पदार्थों) का स्वामी सूर्यदेव शुक्रवार शाम 4.54 बजे राशि परिवर्तन करेंगे। मिथुन राशि को छोड़कर सूर्य जलचर राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। सूर्य 16 अगस्त तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिषविदों के मुताबिक इससे आगामी दिनों में मौसम के साथ-साथ कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिलेगा। 

कर्क राशि में वर्ष के राजा-मंत्री मंगल और शुक्र पहले से विद्यमान है, इसमें सूर्य के आने से त्रिग्रही योग बनेगा। इससे मानसून में श्रेष्ठता आने के साथ ही अन्नदाताओं को बुवाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ग्रहों के योग के फलस्वरूप 12 राशियां भी प्रभावित होंगी। सूर्यग्रह के कर्क राशि में आने से वृष, कन्या, तुला एवं कुंभ राशि वालों को विशेष सफलता मिलेगी। वहीं शनिवार को भौतिक संपदा के कारक ग्रह शुक्र कर्क राशि से सिंह राशि में सुबह 9.26 बजे प्रवेश करेंगे। इस बदलाव से आने वाले समय में हवाओं के साथ वर्षा का प्रभाव बढ़ेगा।

आज कर्क संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिण की ओर रुख करेंगे, यह स्थिति संक्राति मकर संक्राति तक रहेगी। सूर्यदेव कर्क राशि में प्रवेश करने के साथ दक्षिणायन की तरफ बढ़ने लगेंगे। दिन के समय में परिवर्तन होने लग जाएगा। शास्त्रानुसार आज के दिन सूर्यदेव की पूजा अर्चना के साथ दान-पुण्य का विशेष महत्व है। सभी राशि के जातक सूर्यदेव को अघ्र्य दें। गलता तीर्थ सहित अन्य जगहों पर कोरोना के चलते भक्त स्नान नहीं कर सकें। ज्योतिषविदों के मुताबिक जलचर राशि में ग्रहों के प्रवेश से इस महीने पूरी तरह से बारिश की गति अच्छी बढऩे की संभावना रहेगी, हालांकि मेघ गर्जना के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाएं आने के आसार रहेंगे। बाजार में तेजी रहने के साथ ही व्यापारिक और राजनीतिक क्षेत्र में कई अहम फैसले लिए जाएंगे।