इस बार का सूर्यग्रहण आंशिक है और साथ ही यह भारत में नहीं दिखेगा। ऐसे में कहा जा रहा है कि इसमें सूतक नहीं होगा। खासकर जब ग्रहण भारत में दिखेगा नहीं तो इसका असर भी लोगों पर नहीं होगा। लेकिन में लोगों को कन्फ्यूजन है कि 30 अप्रैल और 1 मई को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण के असर को लेकर सावधानियां अपनाएं या नहीं। 

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ज्योतिषियों के अनुसार इस बार का सूर्यग्रहण, एक छाया ग्रहण यानी आंशिक सूर्यग्रहण होगा जिसका खास असर देखने को नहीं मिलेगा। कुछ विद्वानों का यह भी मत है कि यह ग्रहण पूर्ण ग्रहण नहीं ऐसे में सूतक मानने का कोई औचित्य नहीं है। कुछ लोग सूतक मानने की सलाह दे रहे

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 ग्रहण में सूतक का पालन तो करना ही चाहिए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को भी विशेष सावधानी वर्तनी चाहिए। खासकर ग्रहण के दौरान अपने पास किसी भी प्रकार का धारदार हथियार, चाकू, असलाह आदि न रखें। ग्रहण के दौरान ज्यादा से ज्यादा समय मंत्र जाप करें। ग्रहण के बाद स्नान दान करें। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव कम होगा। 

जानकारों के मुताबिक ग्रहण काल में गर्भ में पल रहे बच्चों को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिस विभिन्न उपाय अपनाने चाहिए।  गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। बाहर निकलना जरूरी हो तो गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे ग्रहण का प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर नहीं होगा। 

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सूर्यग्रहण 30 अप्रैल 2022 का समय-

साल का पहला सूर्यग्रहण 30 अप्रैल को आधी रात 12 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और सुबह 04 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। यानी यह ग्रहण 1 मई 2022 की डेट पर पड़ेगा। यह आंशिक सूर्यग्रहण होगा।

ग्रहण काल में गर्भवती महिलाएं रखें ये सावधानियां -

- ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।

- ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।

- ग्रहणकाल में सहवास नहीं करना चाहिए।

- ग्रहणकाल में कैंसी, सूई, चाकू या धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें।

- ग्रहणकाल में स्नान न करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।

- ग्रहण को खुली आंखों से न देखें। हालांकि सूर्यग्रहण देखने से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं होता।

- ग्रहणकाल के दौरान गुरु प्रदत्त मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।