हिंदू धर्म में ग्रहण का बहुत महत्व होता है. वहीं इस साल 4 ग्रहण पड़ने जा रहे हैं. जिसमें से 2 सूर्य ग्रहण हैं तो दो चंद्र ग्रहण. साल का पहला ग्रहण 30 अप्रैल को लगने जा रहा है. जिस शनिचर अमावस्या भी है. ऐसे में 01 मई को प्रात: स्नान के बाद आप अपनी राशि के अनुसार वस्तुओं का दान करें. ऐसा करने से ग्रह दोष दूर होते हैं और घर के धन एवं धान्य में भी वृद्धि होती है.

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मेष राशि के जातकों को सतक काल में हनुमान जी का प्रार्थना करते रहना चाहिए और इसके बाद दान के लिए कोई भी लाल रंग के अन्न को छू कर रख देना चाहिए. दान में मसूर की दाल, गेहूं या गुड़ अथवा लाल वस्त्र दिया जा सकता है. ग्रहण समाप्त होने पर आप इसे दान कर दें.

वृषभ राशि वालों को ग्रहण के बाद सफेद चीजों का दान करना चाहिए. चावल, चीनी, सफेद वस्त्र,दूध या दूध से बनी चीजें दान करनी चाहिए. ग्रहण काल में देवी लक्ष्मी के भजन अथवा मंत्र का जाप करते रहें.

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मिथुन राशि को ग्रहण के बाद हरे रंग की वस्तु का दान करना चाहिए. हरा मूंग, हरी सब्जियां या हरा वस्त्र आदि दान आप कर सकते हैं. ग्रहण काल में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते रहें.

कर्क राशि वालों को भगवान शिव की अराधना सूतक काल में करनी चाहिए. साथ ही दान के लिए सफेद रंग की चीजों का ही प्रयोग करें. चांदी, दूध, चावल, चीनी या सफेद कपड़े आदि दान करना श्रेयस्कर होता है.

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सिंह राशि के जातकों को सूतक काल में सूर्य की पूजा करनी चाहिए और श्री आदित्यह्रदयस्त्रोत का पाठ करते रहना चाहिए. दान के लिए तांबे के सिक्के, गेंहू, कोई भी लाल फल आदि का दान किया जा सकता है.

कन्या राशि वालों को ग्रहण काल में रामरक्षास्त्रोत का पाठ करना चाहिए. ग्रहण के बाद हरे रंग से जुड़ी चीजों का दान किया जा सकता है. हरा मूंग, हरी इलायची, गाय के लिए हरा चारा या हरा वस्त्र का दान श्रेयस्कर होगा.

तुला राशि के जातकों को ग्रहण काल के दौरान श्रीसूक्त पाठ करना चाहिए. दान के लिए किसी मंदिर में पूजन सामग्री का दान करना चाहिए. इसमें धूप,दीप, अगरबत्ती या घी का दान किया जा सकता है.

वृश्चिक राशि के जातकों को हनुमानजी की आराधना ग्रहण काल में करनी चाहिए. बजरंगबाण का पाठ श्रेयस्कर होगा. साथ ही ग्रहण के बाद पीली वस्तुओं का दान करें. पीले वस्त्र, मिठाई, हल्दी, बेसन आदि का दान करना शुभ होगा.

धनु राशि वालों को भगवान विष्णु की आराधना ग्रहण में करनी चाहिए और दान के लिए पीली चीजों का प्रयोग करना चाहिए. बेसन, हल्दी, केसर, चने की दाल या मिठाई दान करें.

मकर राशि के जातकों को ग्रहण के समय सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होगा और ग्रहण के बाद तिल, उड़द की दाल, सरसों आदि का दान करना चाहिए.

कुंभ राशि के जातकों को ग्रहणकाल में शनिदेव की आराधना करनी चाहिए. काली चीजों का दान ग्रहणक के बाद करें. मसाले, काले तिल, काली उरद आदि का दान किया जा सकता है.

मीन राशि के जातकों को श्रीरामचरितमानस के अरण्य का पाठ करना श्रेयस्कर होगा. ग्रहण के बाद केले और चने की दाल का दान करना बेहतर होगा. साथ ही चिड़ियों के लिए दाना डालें.