7 अक्टूबर गुरूवार को शारदीय नवरात्री (Shardiya Navratri 2021) का पर्व आ रहा है। इन दिनों मां दुर्गा (Maa Durga) के पूरे नौ दिनों तक नौ रूपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा (Maa Durga)के नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है और व्रत (Shardiya Navratri fast) भी रख जाता हैं।
जानकारी दे दें कि जो लोग व्रत (Shardiya Navratri fast) नहीं कर पाते हैं तो वे केवल देवी की पूजा कर दुर्गा सप्तशती का पाठ (durga saptashatee paath) कर सकते हैं। जैसे कि हम जानते हैं कि नवरात्रि (Navratri) के पहले दिन कई लोग जौ (barley) की बुवाई करते हैं, इसका महत्व बहुत ही कम लोगों को पता है।
इसलिए उगाते हैं जौ (barley)-

शास्त्रों के अनुसार सृष्टि की शुरुआत के बाद जौ (barley) पहली फसल थी, यही कारण है कि जब देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, तो हवन में "जौ (barley)" चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि (Navratri) में उगाई जाने वाली जौ भविष्य से जुड़ी कुछ बातों का संकेत देती है। इसका मुख्य कारण यह है कि " जौ को ब्रह्म " माना जाता है और हमें अनाज का सम्मान करना चाहिए।

ये होते हैं जौ के उगने के भविष्य के संकेत-

  1. जौ का तेजी से बढ़ना घर में सुख समृद्धि का संकेत माना जाता है।
  2. अगर जौ घनी नहीं उगती है या ठीक से नहीं उगती है तो इसे घर के लिए अशुभ माना जाता है।
  3. अगर जौ काले रंग के टेढ़े–मेढ़े उगती है तो घोर अशुभ माना जाता है।
  4. जब जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो तो इसका मतलब आने वाले साल का आधा समय ठीक रहेगा।
  5. अगर जौ का रंग नीचे से आधा हरा और ऊपर से आधा पीला हो, इसका मतलब है कि साल की शुरुआत अच्छी होगी, लेकिन बाद में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा
  6. अगर बोई हुई जौ सफेद या हरे रंग की हो रही है तो यह बहुत शुभ माना जाता है।