शारदिय नवरात्री 7 अक्टूबर से शुरू हो जाएंगे लेकिन इससे पहले  5 अक्टूबर यानी की आज (मंगलवार) को आश्विन कृष्ण चतुर्दशी सायं 7.05 बजे तक उपरांत अमावस्या। चतुर्दशी श्राद्ध है। 6 अक्टूबर (बुधवार) की बात करें तो आश्विन कृष्ण अमावस्या सायं 4.35 बजे तक उपरांत प्रतिपदा। स्नान-दान-श्राद्धादि की अमावस्या। अमावस्या श्राद्ध। पितृ विसर्जन। महालया समाप्त। सर्वपितृ अमावस्या। अज्ञात तिथि वालों का इस दिन श्राद्ध करना चाहिए।
7 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा मध्याह्न 1.47 बजे तक उपरांत द्वितीया। नवरात्र प्रारम्भ। घट स्थापना (अभिजीत मुहूर्त) है। इस दिन से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो जाएंगे।

8 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल द्वितीया प्रात: 10.49 बजे तक तदनंतर तृतीया। चंद्र दर्शन होंगे।

9 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल तृतीया प्रात: 7.49 बजे तक पश्चात चतुर्थी। चतुर्थी तिथि का क्षय। वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी है तो इस दिन तीसरा नवरात्रि है और मां दुर्गा के साथ साथ गणेश जी की पूजा की जाएगी।

10 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पंचमी रात्रि 2.15 बजे तक तदनंतर षष्ठी। उपांग ललिता पंचमी है।

11 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल षष्ठी रात्रि 11.51 बजे तक पश्चात सप्तमी। शनि मार्गी प्रात: 7 बज कर 45 मिनट तक। इस दिन शनि सीधी चाल चलेंगे, जिसका प्रभाव कुछ राशियों पर पड़ेगा।