शनि देव ऐसे देवता हैं जो कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वालों को राजा बना देते हैं, तो वहीं अनैतिक और अन्याय करने वालों को रंक बना देते हैं। जब शनिदेव की महादशा चलती है, तो अच्छे-अच्छों की हालत खराब हो जाती है। शनि का सबसे ज्यादा असर शनि की साढ़े साती या शनि की ढैय्या के दौरान झेलना पड़ता है। इन महादशाओं में शनिदेव जातकों की राशियों पर अच्छा और बुरा दोनों प्रकार के असर डालते हैं।


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शनि की साढ़े साती के पहले चरण में शनि जातक की आर्थिक स्थिति पर, दूसरे च​रण में पारिवारिक जीवन पर और तीसरे चरण में स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं। ढ़ाई-ढ़ाई साल के इन तीन चरणों में दूसरा चरण सबसे ज्यादा भारी पड़ता है।

शनि इस समय मकर राशि में हैं। इस राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है, जो 29 अप्रैल 2022 तक रहेगा। इसलिए मकर राशि के जातकों के लिए ये समय बहुत ज्यादा संभलकर चलने का है। शनि के प्रकोप के कारण धन संपत्ति, परिवार से जुड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। कोई व्यक्ति धोखा दे सकता है। बहुत मेहनत के बाद नतीजे मिलेंगे। हर फैसला सोच समझकर करना चाहिए। जिन जातकों की कुंडली में शनि अच्छी स्थिति में हैं और जो गलत व अनैतिक कार्य नहीं करते हैं। उनके लिए ये समय बहुत शानदार साबित होगा। यानि इस दौरान मकर राशि के जातकों को अपनी कुंडली में शनि की स्थिति और अपने कर्मों के आधार पर शनि का असर झेलना होगा।