हिंदू धर्म में शनि को क्रूर ग्रह कहा गया है। शनि को राहु और केतु का ग्रह माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शनि मनुष्य को उनके अच्छे व बुरे कर्म की सजा देते हैं। शनि की महादशा बहुत ही प्रभावी मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि अगर व्यक्ति में शनि का अच्छा प्रभाव पड़े तो वह रंक को भी राजा बना देता है। वहीं शनि के बुरे प्रभाव से राजा भी रंक बन जाता है।

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 मान्यता है कि हर व्यक्ति के जीवन में शनि की साढ़ेसाती जरूर आती हैं। वह भी तीन बार आती है। यदि शनि कुंडली में उच्च का है तो यह व्यक्ति को अप्रत्याशित लाभ दे सकता है, लेकिन यदि शनि की स्थिति खराब है तो आपको जीवन भर कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। हिंदू धर्म में शनि की महादशा से बचने के कई उपाय बताए गए हैं। इन उपायो को करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में...

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शनिवार के दिन करें भगवान शिव की उपासना

शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनिवार का व्रत करना चाहिए और इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही शनि भगवान प्रसन्न भी होते हैं। इसके अलावा शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं क्योंकि भगवान शिव शनि देव के गुरु हैं, इसलिए इस दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने के साथ शिव चालीसा का पाठ करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।

इस दिन काली चीजों का करें दान

शनिवार के दिन काली चीजों का दान करना बेहद फलदायी होता है। इस दिन आप उड़द की दाल, काला कपड़ा, काले तिल और काले चने किसी गरीब को दान करें। इससे साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या का प्रभाव कम हो जाएगा।

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पीपल के पेड़ में चढ़ाएं जल

शनिवार के दिन शाम को पीपल के पेड़ के पास जाकर जल चढ़ाएं और वहां आटे से बना चारमुखी दीपक जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।