शनि ग्रह 30 सालों के बाद 29 अप्रैल को अपने मूल त्रिकोण राशि कुंभ में प्रवेश कर गए हैं। ग्रहों की चाल की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण घटना है जो आम आदमी के जीवन पर भी गहरा प्रभाव डाल सकती है। शनि के कुंभ राशि परिवर्तन से धनु राशि के जातकों को साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी। 

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वहीं मीन राशि पर शनि की साढ़े साती शुरू हो जाएगी। मिथुन और तुला राशि वाले जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी, जबकि कर्क और वृश्चिक राशि शनि की ढैय्या में आ जाएंगे। मकर राशि की साढ़े साती अपने अंतिम चरण की तरफ अग्रसर होगी। बताते चलें कि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि हर ढाई वर्ष के बाद राशि बदलते हैं। इस तरह पूरे भचक्र भ्रमण करने में उन्हें 30 वर्ष का समय लगता है।

दो चरणों में कुंभ में प्रवेश

शनि दो चरणों में कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। पहले शनिदेव 29 अप्रैल से 4 जून तक कुंभ राशि में मार्गी और 4 जून से 12 जुलाई तक वक्री अवस्था में रहेंगे। 13 जुलाई को शनि वापस मकर राशि में लौटेंगे। मकर राशि में वे 17 जनवरी 2023 तक रहेंगे। इस दिन से वे शनि फिर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और 29 मार्च 2025 तक कुंभ राशि में गमन करेंगे।

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शनि गमन का राशियों पर प्रभाव

मेष : पद, प्रतिष्ठा का लाभ, आय के नए स्रोत होंगे विकसित

वृष : वाहन भूमि का सुख, प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता

मिथुन : अनुकूल स्थानांतरण के योग, संघर्ष के बाद सफलता

कर्क : अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे, पत्नी का स्वास्थ्य प्रभावित

सिंह : आर्थिक उन्नति, साझेदारी व्यापार से लाभ

कन्या : नौकरी के योग, आर्थिक संकट होंगे दूर

तुला : भूमि व वाहन के सुख, संतान प्राप्ति के योग

वृश्चिक : ग्रह क्लेश बढ़ेंगे, माता का स्वास्थ्य प्रभावित

धनु : भाग्य का साथ मिलेगा, आर्थिक पक्ष मजबूत

मकर : संचित धन में वृद्धि, कर्ज से मुक्ति

कुंभ : स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी दूर, प्रमोशन के योग

मीन : मानसिक संताप, संघर्ष के बाद सफलता