सभी देवी-देवताओं में शनि देव ऐसे देवता हैं जो भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल देते हैं। इसलिए ज्योतिष में शनिदेव और शनिग्रह को महत्वपूर्ण माना गया है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति पर शनिदेव की कृपादृष्टि हो वह रंक से राजा बन जाता है। लेकिन दूसरी ओर यदि किसी व्यक्ति पर शनि की कुदृष्टि पड़ जाए तो वह समस्याओं और परेशानियों से घिर जाता है। यही कारण है कि शनि ग्रह के बुरे प्रभाव, साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के लिए ज्योतिष में कई तरह के उपायों के बारे में बताया गया है।

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शनिदेव को प्रसन्न कर उनके प्रकोप से बचने के लिए काली उड़द के दाल के उपाय को महत्वपूर्ण माना गया है। शनिवार का दिन शनिदेव का प्रिय दिन होता है। यह दिन शनिदेव की पूजा के लिए समर्पित होता है। इसलिए आप काली उड़द से जुड़े उपायों को शनिवार के दिन करें। इससे आपको शनि ग्रह के प्रकोप से मुक्ति मिलती है और साथ ही जीवन में आ रही समस्याएं भी दूर होती हैं। जानते हैं काली उड़द से जुड़े उपायों के बारे में।

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काली उड़द दाल के उपाय

- शनिवार के दिन काली उड़द की दाल शनिदेव को अर्पित करें। इससे शनिदोष दूर होते हैं।

-  काली उड़द दाल के चार दाने शनिवार के दिन अपने ऊपर उल्टे हाथ की ओर से उतार कर कौवे को खिला दें। ऐसा लगातार सात शनिवर करें इससे कुंडली में शनिदोष का प्रभाव कम होता है।

-  काली उड़द दाल के दो वड़े बनाएं इसमें सिदूंर और दही लगाकर शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास रख दें। ऐसा लगातार 11 शनिवार करने से धनलाभ होता है।

-  शनिवार के दिन सरसों के तेल में काली उड़द डालकर दीपक जलाएं और इसमें अपनी छाया देखें। फिर इस दीप को किसी मंदिर या फिर पीपल पेड़ के पास रख दें। इससे शनिदोष के साथ ही पितृदोष और कालसर्प दोष भी दूर होता है।

-  शनिवार के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों में काली उड़द की दाल का दान करें। इससे साढ़ेसाती से मुक्ति मिलती है।