सावन के महीने बहुत सारे त्योहारों से भरा रहता है। इस माह में भोलेशंकर की विशेष अराधना की जाती है। सावन माह में 7-8 अगस्त यानी इस शनिवार और रविवार को विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष के मुताबिक शनिवार को पुष्य नक्षत्र संयोग है, शनिवार-रविवार को रहेगा। बता दें पुष्य नक्षत्र संयोग को बेहद ही शुभ माना जाता है।  इस नक्षत्र में किए गए कार्यों का कई गुना फल मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्यों में सफलता जरूर मिलती है। 

पुष्य नक्षत्र समय

ज्योतिषशास्त्र में 27 नक्षत्रों का वर्णन है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। 7 अगस्त सुबह 8 बजकर 20 मिनट से रविवार सुबह 9 बजकर 37 मिनट तक

अमावस्या और पुष्य नक्षत्र का संयोग

8 अगस्त को हरियाली अमावस्या भी है। अमावस्या के दिन पितर संबंधित कार्य किए जाते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र में पितर संबंधित कार्य करना भी शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।