कल रविवार को रक्षाबंधन का त्योहार हैं और ये त्योहार भाई बहन का पवित्र त्योहार माना जाता है। भाई बहन की रक्षा करता है और बहन भाई की सुरक्षा की कामना करती है। राखी विधि विधान के साथ बांधी जाए तो भाई पर बुरा प्रभाव पूरे तरीके से नष्ट हो जाता है। तो आइए जानते हैं राखी बांधने की सही विधि-


•    राखी वाले दिन सबसे पहले सुबह स्नान कर पवित्र हो जाएं और देवताओं को प्रणाम करें। इसके बाद अपने कुल के देवी-देवताओं की पूजा करें।
•    फिर एक थाली लें, आप चाहें तो चांदी, पीतल, तांबा या फिर स्टील की थाली भी ले सकते हैं। फिर इस थाली में राखी, अक्षत और रोली रखें।
•    सबसे पहले राखी की थाल को पूजा स्थान पर रखें और पहली राखी बाल गोपाल या फिर अपने ईष्ट देवता का चढ़ाएं।
•    अब राखी बांधने की प्रक्रिया शुरू करें। इसके लिए भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बिठाएं।
•    ध्यान रखें राखी बांधते समय भाई के सिर पर एक रुमाल होना चाहिए।
•    फिर बहन अपने भाई के माथे पर टीका लगाएं और उस कुछ अक्षत लगाएं।
•    कुछ अक्षत भाई के ऊपर आशीर्वाद के रूप में छींटें।
•    फिर दीया जलाकर भाई की आरती उतारें। मान्यता है कि ऐसा करने से बहन अपने भाई को बुरी नजरों से बचाती हैं।
•    इसके बाद बहन भाई की दायीं कलाई पर राखी बांधते हुए इस मंत्र को बोलें।


‘ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।’

•    अब भाई-बहन एक दूसरे का मुंह मीठा करें।
•    अगर बहन बड़ी है तो भाई उसके चरण स्पर्श करे और अगर बहन छोटी है तो वो भाई के पैर छुए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करे।
•    अंत में भाई बहन को कुछ न कुछ उपहार देने की परंपरा निभाते हैं।