देवों के देव महादेव की कृपा जिस पर होती है उस का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है। कल महादेव और माता पार्वती के विवाह होने की तीथी के उपलक्ष्य भारत देश में त्योहार मनाया जाता है। कल का दिन शिव भक्तों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। रात के जागरण के बाज सवेरे पूजा-अर्चना की जाएगी। इसी के साथ कुछ जीवन में या कुंडली में दोष होने पर कुछ उपाय किए जाते हैं।

Kundali में अगर काल सर्प हो तो जीवन में तमाम परेशानियां आती हैं। काल सर्प दोष का निर्माण Rahu और Ketu मिलकर करते हैं। जब सारे ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं तो Kaal Sarp Dosh का निर्माण होता है। काल सर्प दोष घर में होने वाले मांगलिक कार्यों में व्यवधान डालता है, संतान प्राप्ति और उन्नति में बाधा उत्पन्न करता है।  यह भी पढ़ें- कल है Mahashivratri, आप रख रहे हैं व्रत तो ध्यान में रख लें ये बातें, जय शिव शंभू!जानिए काल सर्प दोष को दूर करने के तरीके-– इस दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर चांदी के नाग और नागिन के जोड़े को अर्पित करें और ऊन के लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से नागगायत्री मंत्र का जाप करें. इसके बाद शिवजी और माता पार्वती से काल सर्प दोष को दूर करने की प्रार्थना करें.
नाग गायत्री मंत्र है – ‘ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्’– महाशिवरात्रि के दिन काल सर्प दोष को दूर करने के लिए शिवलिंग पर तांबे का एक बड़ा सर्प बनवाकर चढ़ाएं। ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें। साथ ही नाग और नागिन का चांदी का जोड़ा जल में प्रवाहित करें।– Maha Shivratri के दिन रुद्राभिषेक करने से भी तमाम समस्याएं दूर हो जाती हैं। आप किसी ज्योतिष विशेषज्ञ की देखरेख में रुद्राभिषेक करें और प्रभु से काल सर्प दोष से मुक्ति की प्रार्थना करें। यह भी पढ़ें- Maha Shivratri भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से धन धान्य से भर जाएगा जीवन– काल सर्प दोष से बचने के लिए भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा भी विशेष फलदायी है। आप महाशिवरात्रि के दिन गणपति और माता सरस्वती का विशेष पूजन करें। गणपति केतु की पीड़ा शांत करते हैं और देवी सरस्वती राहु के प्रभाव को दूर करती हैं। संभव हो तो नियमित रूप से इनके मंत्रों का जाप करें।– Maha Shivratriके दिन किसी सपेरे से नाग और नागिन का जोड़ा खरीद लें। उसे किसी जंगल में मुक्त करवा दें। इससे भी काल सर्प दोष का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है।