ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में ग्रहों की स्थिति खराब यानि Kundli Dosh होता है तो ऐसे इंसान द्वारा लिया गया ऋण उसके जीवन पर बोझ बना रहता है। इससे जीवन में धन से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही व्यक्ति कर्ज के बोझ तले दबा रहता है।

जिन लोगों की कुंडली में 11वें भाव यानि लाभ स्थान का स्वामी 6, 8 या 12वें भाव में बैठा होता है तो ऐसे में हमेशा कर्ज का बोझ बना रहता है। ऐसे लोगों को जीवन में भयानक आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है।

जन्म कुंडली में 10वें भाव का स्वामी ग्रह यदि 6, 8 या 12वें घर में हो तो ऐसे में इंसान को सगे संबंधियों से मान-सम्मान नहीं मिलता है। ऐसे में धन संचय करना चाहिए नहीं तो जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

जिन जातकों की कुंडली में दूसरे और 11वें भाव का स्वामी ग्रह 6, 8 या 12वें घर में जाकर बैठ जाए और मंगल-राहु धन स्थान पर हों तो ऐसे में इंसान को गलत तरीके से धन संग्रह करने से बचना चाहिए। दरअसल ऐसा धन बर्बाद ही होता है।