शिव की सबसे बड़ी रात्रि महाशिवरात्रि, का त्योहार आने जाने वाला है। भगवान शिव अरंपार आर्शिवाद पाने के लिए यह पर्व सबसे अहम है। जैसे कि हम जानते है कि lord shiv puja और शक्ति के अभिसरण का रूप होता है। Phalgun Month के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (Chaturdashi Tithi) को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
Maha Shivratri के दिन भगवान भोलेनाथ को अनेकों तरीकों से भक्त खुश करने की कोशिश करते हैं। इस बार महा श‍िवरात्र‍ि 1 मार्च 2022 को मनाई जाएगी. इस दिन Lord shiva के  भक्त खास रूप से पूजा-अर्चना करके प्रभु को खुश करने की कोशिश करते हैं।
Maha Shivratri Vrat Vidhi-

शिवरात्रि व्रत से एक दिन पहले, त्रयोदशी पर भक्तों को बिना प्याज आदि का भोजन करना चाहिए।

शिवरात्रि के दिन, सुबह उठकर स्‍नान करके पूरी श्रद्धा के साथ इस भगवान भोलेनाथ के आगे व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए।

संकल्प के दौरान भक्त उपवास की अवधि पूरा करने के लिये भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं।

आप व्रत किस तरह से रखेंगे यानी कि फलाहार या फिर निर्जला ये भी तभी संकल्प लें।

शिवरात्रि वाले दिन सुबह स्नान करके मंदिर में पूजा करने जाना चाहिए।

पूरे दिन और रात उपवास करने के बाद अगले दिन सूर्योदय होने के बाद नहाकर ही व्रत खोला जाता।
चार पहर की पूजा:-

Maha Shivratri की पूजा रात में एक या चार बार अलग अलग प्रकार से की जाती है।

चार बार शिव पूजा करने के लिए चार प्रहर (प्रहर) प्राप्त करने के लिए पूरी रात की अवधि को चार में विभाजित किया जा सकता है।

इस दिन हर एक प्रहर की अलग अलग पूजा विधि होती है।

हालांकि इस दिन रुद्राभिषेक का खास महत्व बताया जाता है।

4 प्रहर की पूजा का समय-

1. रात्र‍ि प्रहर पूजा : शाम 06:21 से रात्र‍ि 09:27 बजे तक

2. रात्र‍ि प्रहर पूजा : रात्र‍ि 09:27 से रात्र‍ि 12:33 (02 मार्च)

3. रात्र‍ि प्रहर पूजा : रात्र‍ि 12:33 से सुबह 03:39 बजे तक (02 मार्च)

4. रात्र‍ि प्रहर पूजा : सुबह 03:39 बजे से 06:45 बजे तक (02 मार्च)

वहीं,निशिता काल पूजा का समय (Nishita Kaal Puja Time) 02 मार्च 2022 को सुबह 12:08 से लेकर सुबह 12:58 बजे तक ही रहने वाला है। चतुर्दशी तिथि कब शुरू होगी : 01 मार्च 2022 को सुबह 03:16 बजे से होगी प्रारंभ चतुर्दशी तिथि कब समाप्‍त होगी : 02 मार्च 2022 को सुबह 01:00 बजे होगा समापन