रंगों का त्योहार होली जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। इस त्योहार को सुख समृद्धि, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार इस त्योहार पर कुछ उपायों पर जरूर ध्यान देना चाहिए। इन उपायों को अपनाने से जीवन में सकारात्मकता का संचार होगा और खुशियों के नए रंग बिखरेंगे। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में। 

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माना जाता है कि होली पर रंग खेलने से स्वास्थ्य और यश में वृद्धि होती है। होली पर किसी के द्वारा दी गई लौंग या इलायची का सेवन बिल्कुल न करें। होली खेलने से पहले गुलाबी रंग का गुलाल लेकर सबसे पहले राधा-कृष्‍ण को अर्पित करें। भाग्य प्रबल करने के लिए होली पर घर में आने वाले सभी मेहमानों को कुछ ना कुछ अवश्य खिलाकर वापस भेजें। 

होलिका दहन कभी भी घर के भीतर नहीं करना चाहिए। होलिका की राख को घर के चारों ओर छिड़कने से घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं होता है। होली खेलने के लिए काले रंग का प्रयोग न करें। होली का रंग सबसे पहले अपने ईष्टदेव और बुजुर्गों को लगाएं। होली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर अशोक की पत्तियों से बना तोरण लगाएं। घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें। 

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होली के अवसर पर घर में तुलसी और मनी प्लांट का पौधा लगाएं। ऐसा करने से यश में वृद्धि होती है। होली के दिन अपने घर में श्रीराधा-कृष्ण का चित्र लगाएं। होली के दिन भगवान श्री गणेश के पूजन का विशेष महत्व है। घर में श्रीयंत्र लाएं और इसे स्थापित करें। होली के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। केवड़े का इत्र एवं गुलाब की माला अर्पित करें।