चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्म हुआ था। हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के राम अवतार के सहयोग के लिए संकटमोचन हनुमान का जन्म हुआ था। इस दिन देशभर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। बजरंग बली के मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं। भक्त उपवास रखकर हनुमानजी को प्रसन्न करते हैं और उनकी कृपा हासिल करते हैं। 

यह भी पढ़े : हनुमान जन्मोत्सव 2022 : बन रहे कई विशेष योग, इस विधि से करें हनुमान जी की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त 


हनुमान चालीसा में लिखा गया है कि बजरंग बली अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। जिस व्यक्ति को अपने जीवन में यह सिद्धियां मिल जाती हैं, वह धन्य हो जाता है। यहां जानिए इन्हीं 8 सिद्धियों और 9 निधियों के बारे में

यह भी पढ़े : Hanuman Chalisa : आवाज़ के जादूगर शंकर महादेवन ने बिना सांस लिए गाया हनुमान चालीसा


भगवान हनुमान को आठ सिद्धियों और नौ निधियों को प्रदान करने वाले देवता माना जाता है। इन आठ सिद्धियों और नौ निधियों को जीवन में सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। ये ब्रह्मांड की वो उपलब्धियां हैं, जिनके लिए हर प्राणी जन्म-जन्मांतर के चक्र से तपस्या द्वारा इन्हें पूरा करने की लालसा रखता है।

किसी भी बात या काम को सिद्ध करने से साध्य की जरूरत होती है। सिद्धि की प्राप्ति हर किसी के मन की इच्छा है। यह एक साधना है जिसके द्वारा व्यक्ति का सर्वांगीण विकास संभव है। बात चाहे आध्यात्मिकता के उच्च स्तर को प्राप्त करने की हो या जीवन में सुख और संतोष की प्राप्ति के मार्ग की, इन सिद्धियों के माध्यम से सभी की प्रगति हो सकती है। हनुमानजी द्वारा दी गई सिद्धियाँ इस प्रकार हैं- महिमा सिद्धि, गरिमा सिद्धि, लघिमा सिद्धि, प्रज्ञा सिद्धि, प्राकम्य सिद्धि, ईशित्व सिद्धि और वशित्व सिद्धि।

यह भी पढ़े : राशिफल 12 अप्रैल: आज इन राशि वाले लोगों के लिए समय बहुत ही ख़राब, सूर्यदेव को जल अर्पित करें

वहीं नव निधियों में पद्म निधि, महापद्म निधि, नील निधि, मुकुंद निधि, नंदा निधि, मकर निधि, कच्छप निधि, शंख निधि और खारवा मिश्रा निधि हैं। इन सभी को भक्त द्वारा भगवान हनुमान के आशीर्वाद के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। भगवान हनुमान के जन्मदिन का महत्व हर रूप में दिखाई देता है। इस दिन का हर पल रहस्यमय होता है। हनुमान जयंती पर पूजा और विशेष प्रभाव भी है। हनुमान जी के लिए किए जाने वाले जप और पाठ आदि से व्यक्ति के जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सभी जटिलताएं दूर होती हैं।