इंसान का शरीर बहुत ही अनमोल है। यह धरती या ब्रह्माण्ड में एक ऐसी जीव है जो बहुत ही जटील संरचना है। इंसान को पूरे तरीके से समझ पाना बहुत ही मुश्किल है। विज्ञान एक तरफ है और  शास्त्र एक तरफ हैं, दोनों ही इंसान के शरीर के बारे में कई तरह के बाते बताते हैं। इसी तरह से शास्त्रों के बात करें तो शास्त्रों में इंसान की शरीर के कई हिस्से इंसान की सारी जन्म कुंडली निकाल कर रखे देते हैं। इसी तरह बात करें रेखाओं की तो शरीर में कई तरह की रेखाएं होती है।


हाथ की रेखाएं बहुत की इंसान के जीवन के बारे में बताती है वैसे ही माथे की रेखाएं भी इंसान के भूतकाल और भविष्य काल के बारे में कई बाते बताती है। माथे की रेखाओं से भविष्य के बहुत से संकेत मिलते हैं। हाथों की रेखाओं की तरह ही माथे की रेखाएं भी भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में बताती हैं। इन रेखाओं का सटीक विश्लेषण होना बेहद जरुरी होता है।


जैसे कि शनि रेखा जो माथे के मध्य भाग में ही दिखाई देती है। जिन लोगों के माथे पर यह रेखा साफ दिखती है, वह बेहद गंभीर स्वभाव का होता है। गुरु रेखा जिन लोगों के माथे पर होती वह पढ़ाई, आध्यात्म और इतिहास में रूची रखते हैं और आत्मविश्वासी, अपनी बातों पर दृढ़ होता है। इन लोगों पर आंख बंद करके भरोसा किया जा सकता है और यह शिक्षा के क्षेत्र में बहुत नाम कमाते हैं। यह शनि रेखा के नीचे होती है। इसी तरह से गुरू रेखा के नीचे मंगल रेखा होती जो कि पूरी तरह से माथे पर विकसित होती है तो ऐसे व्यक्ति स्वाभिमानी, साहसी, धार्मिक प्रवृत्ति वाला और क्रिएटिव होता है। इस रेखा वाले लोग सेना, पुलिस और प्रशासन में उच्च अधिकारी बनते हैं।

 
माथे पर सूर्य रेखा और चंद्र रेखा भी होती जो आंखों के की भौंह के ऊपर होती है। सुर्य रेखा आंख की दाईं आंख पर होती है। इस रेखावाले लोग प्रतिभा, सफलता, यश और सुख-समृद्धि का प्रतीक होती है। बेहद सूझबूझ और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हैं। चंद्र रेखा माथे पर बाईं आंख की भौंह के ऊपर रहती है। इस रेखावाले लोग कला प्रेमी, कुशाग्र बुद्धि वाला, कल्पनाशील और एकांत को पंसद करने वाला होता है। इस तरह की रेखा वाले लोग चित्रकला, संगीत और गायन में नाम कमाते हैं और साथ ही आध्यात्मिक भी बहुत होते हैं।